कानपुर के बाद यूपी की राजधानी में बरपा जीका वायरस का कहर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के दो जिले कानपुर और कन्नौज जीका वायरस की चपेट में हैं। अब राजधानी लखनऊ में जीका वायरस के दो मामले सामने आए हैं। इस बात की पुष्टि की गई है। इसके बाद से स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया है। जीका वायरस से संक्रमित दो लोग कानपुर रोड स्थित हुसैनगंज और एलडीए कॉलोनी के रहने वाले बताए जा रहे हैं। कानपुर में बुधवार को जीका वायरस के 16 और नए मामले सामने आए। कानपुर में अब तक जीका वायरस के 105 मामले सामने आ चुके हैं। 16 नए मरीजों में दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं।

गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने लखनऊ के हुसैन गंज और एलडीए कॉलोनी के एक पुरुष और एक महिला के जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की। केजीएमयू से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। दोनों क्षेत्रों में देर शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लार्वा रोधी अभियान चलाया। आसपास के लोगों को भी जीका वायरस के प्रति जागरूक किया गया।

लखनऊ के इन जगहों पर मिला जीका वायरस

संक्रामक रोगों के प्रभारी एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. केपी त्रिपाठी ने कहा कि दोनों कृष्णा नगर में एक कॉमन विला में काम कर रहे थे। वहां से एहतियात के तौर पर चार लोगों के सैंपल केजीएमयू भेजे गए। उनमें से दो के जीका से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इनमें एक पुरुष और दूसरी महिला है। दोनों मरीज सामान्य हैं। उन्हें मच्छरदानी लगाकर घर से दूर रहने की हिदायत दी गई है। दोनों पीड़ितों के संपर्क में आए सभी लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं।

क्या है जीका वायरस

जीका एक मच्छर जनित वायरस है जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, एडीज मच्छर आमतौर पर दिन में काटते हैं। यह मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया फैलाता है। हालांकि जीका वायरस का संक्रमण ज्यादातर लोगों के लिए गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन यह गर्भवती महिलाओं, खासकर भ्रूण के लिए खतरनाक हो सकता है। जीका वायरस के कोई विशेष लक्षण नहीं होते हैं। इसके लक्षण डेंगू के समान ही होते हैं, जैसे बुखार, दाने और जोड़ों में दर्द।

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