बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी आज : प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, किसी समुदाय को कार्यक्रम की इजाजत नहीं

यूपी के अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की आज यानि 6 दिसंबर को बरसी है। इस मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।  6 दिसंबर को हुई बाबरी विध्वंस की बरसी के मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।

 यूपी के अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की आज यानि 6 दिसंबर को बरसी (Babri Masjid demolition anniversary )है। इस मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।  6 दिसंबर को हुई बाबरी विध्वंस की बरसी के मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। अयोध्या में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। इतना ही नहीं  किसी समुदाय को कार्यक्रम की इजाजत नहीं है। 

पूरी अयोध्या में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात

अयोध्या प्रशासन ने किसी भी समुदाय को कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी है।  प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि कार्यक्रम आयोजित किया गया तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही साइबर सेल भी अलर्ट है। पूरी अयोध्या (Babri Masjid demolition anniversary ) में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किये गए है।

दरअसल, 6 दिसंबर को मुस्लिम समुदाय काला दिवस के तौर पर मनाता है तो वहीं हिंदू समुदाय के लोग इसे शौर्य दिवस के तौर पर मनाते हैं।  मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी समुदाय को कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी है।

आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों पर निगाह रखने के लिए साइबर सेल को अलर्ट

प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि 6 दिसंबर (Babri Masjid demolition anniversary ) को लेकर अगर किसी ने कोई कार्यक्रम आयोजित किया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों और आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों पर निगाह रखने के लिए साइबर सेल को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही अयोध्या जिले में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

बता दें कि बीते साल सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित (Babri Masjid demolition anniversary ) जमीन पर रामलला विराजमान का हक माना था।  जबकि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था।  चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की विशेष बेंच ने सर्वसम्मति से यह फैसला सुनाया था।

क्या है मामला

6 दिसंबर 1992 को 16वीं सदी की बनी इस बाबरी मस्जिद को कार सेवकों की एक भीड़ ने ढहा दिया था जिसे लेकर पूरे देश में सांप्रदायिक माहौल पैदा हो गया था। दंगे भी हुए और हज़ारों की तादाद में लोगों ने इन दंगों में अपनी जान गंवाई थी।

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